स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण हो सकता है

मूर्ति पूजा जाती है इसलिए नहीं की वह मंदिर में है बल्कि इसलिए कि उसने तराशे जाने का दर्द सहा है नमस्कार दोस्तों …..मैं डॉ प्रीति अग्रवाल आपसे कुछ अनुभव बांटना चाहती हो जिंदगी में स्वस्थ रहना कितना महत्वपूर्ण है कैसे हम स्वस्थ रह सकते हैं आज के इस भाग दौड़ वाली जिं दगी के युग में एक खुशनुमा हंसी खुशी जिंदगी जीने की ललक कुछ कम सी हुई है |हर व्यक्ति कमाई के साधनों के पीछे भागता नजर आ रहा है इस भाग दौड़ के लिए भी मनुष्य का स्वास्थ्य होना आवश्यक है सबसे पहले मनुष्य के दिनचर्या की शुरुआत सुबह से करते हैं बिस्तर से उठते ही हम दौड़ कर जल्दी जल्दी सारे काम करने लगते हैं परंतु ऐसा नहीं करना चाहिए बिस्तर से एक दम नहीं बल्कि धीरे से उठना चाहिए ताकि जो रक्त संचार रात में शिथिल अवस्था में हृदय तक पहुंचता है वह सामान्य हो जाए उसके बाद दो ग्लास गुनगुना पानी पीजिए |इससे आपकी पाचन क्रिया तीव्र होगी वह शरीर के अपशिष्ट पदार्थ मल मूत्र के द्वारा बाहर निकल जाएंगे जिससे दिन भर आप तरोताजा हल्का महसूस करेंगे |अपने शारीरिक क्रिया विधि को क्रियान्वित करने के लिए कम से कम 30 मिनट व्यायाम जरूर करें चाहे तो सुबह घूमने जा सकते हैं साइकल चला सकते हैं या योगा व प्राणायाम भी किया जा सकता है| इससे दिन भर आपको काम करने की फुर्ती बनी रहेगी उसके बाद दैनिक दिनचर्या स्नान ध्यान से निवृत्त होकर पौष्टिक नाश्ता करना चाहिए | कहा जाता है सुबह का नाश्ता राजा जैसा दोपहर का खाना आम इंसान जैसा वह रात का खाना निर्धन जैसा होना चाहिए क्योंकि हमारे शरीर की पाचन तंत्र प्रणाली सुबह में सबसे ज्यादा क्रियान्वित रहती है वह शाम व रात को पाचन क्रिया धीमी हो जाती है हमारे आहार में पौष्टिक तत्वों का समागम होना चाहिए जैसे दाल, चावल, हरी सब्जियां, दही, चपाती आदि |दिन भर में कम से कम एक गिलास दूध वह एक फल अवश्य खाना चाहिए | भोजन करते समय जल का सेवन ना करें भोजन करने के करीब आधा घंटा पश्चात पानी पीना चाहिए खाना खाने के तुरंत बाद लेटना नहीं चाहिए दिन भर में कम से कम 7 से 8 गिलास पानी पीना चाहिए |इससे हमारे शरीर में नमी बनी रहती है पाचन क्रिया आसान होती है वह त्वचा में चमक आती है रात के भोजन के बाद 15 से 20 मिनट तक अवश्य चलना चाहिए| इसके बाद नींद की बारी आती है नींद भी हमारी दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है नींद हमेशा गहरी व 6 से 8 घंटे की होना चाहिए नींद पूरी ना होने से सिर दर्द आंखों में जलन व सुस्ती रहती है| एवं किसी काम में मन नहीं लगता अतः हमें अपनी दिनचर्या नियमित व संतुलित रखना चाहिए जिससे हम स्वस्थ रह सके स्वस्थ व्यक्ति से ही स्वस्थ समाज व स्वस्थ समाज से एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण हो सकता है | जय हिंद जय भारत